चने के खेत में

हिंदी फ़िल्में > अंजाम के गाने > चने के खेत में

गाना: चने के खेत में
फिल्म: अंजाम
गायक: पूर्णिमा
गीत: समीर
संगीत: आनंद-मिलिंद


(अठरा बरस की कंवारी कलि थी 
घूँघट में मुखड़ा छुपके चली थी) - (2)
फसी गोरी - 2 चने के खेत में, हुयी चोरी चने के खेत में 
पहले तो जुल्मी ने पकड़ी कलाई, फिर उसने चुपके से ऊँगली दबाई - (2)
जोरा जोरी - 2 चने के खेत में, हुयी चोरी चने के खेत में 
तू तू तू तू तू तू तू तू ..........

(मेरे आगे पीछे शिकारियों के घेरे 
बैठे वहां सारे जवानी के लुटेरे) - (2)
हारी मै हारी पुकारके, (यहाँ वहां देके निहारके - 2)
जोबन पे चुनरी गिरके चली थी - (2)
हाथो में कंगना सजाके चली थी 
चूड़ी टूटी -2 चने के खेत में, जोरा जोरी चने के खेत में 

(तौबा मेरी तौबा, निगाहे ना मिलाउ
ऐसे कैसे सब को कहानी मै बताऊ) - (2)
क्या क्या हुवा मेरे साथ रे, (कोई भी तो आया ना हाथ रे -2)
लहंगे में गोटा जडाके चली थी -2, बालो में गजरा लगाके चली थी 
बलि छूटी - 2 चने के खेत में, ओ जोरा जोरी चने के खेत में 
(अठरा बरस की कंवारी कलि थी 
घूँघट में मुखड़ा छुपके चली थी) - (2)
फसी गोरी - 2 चने के खेत में, हुयी चोरी चने के खेत में 
पहले तो जुल्मी ने पकड़ी कलाई, फिर उसने चुपके से ऊँगली दबाई - (2)
जोरा जोरी - 2 चने के खेत में, हुयी चोरी चने के खेत में