सावन का महिना आया है

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गाना: सावन का महिना आया है
फिल्म: आयी मिलन की रात
गायक: मोहम्मद रफ़ी, अनुराधा पौडवाल
गीत:
संगीत:


सावन का महिना आया है, घटा से बरसा है पानी 
वे माहिया बुझा दे प्यास जिया की हो 

ऐसे में तुने जो छुआ मेरी भी महकी जवानी 
वे माहिया बुझा दे प्यास जिया की हो

तेरे हुस्न शबाब की बात हुयी या मदिरा की बरसात हुयी 
मौसम भी शराबी लगता है, मुझे भी चढ़िया नशा है 
वे माहिया बुझा दे प्यास जिया की हो

कोई जोर ना दिल पे चलता है, बारिश में बदन मेरा जलता है 
बूंदो में छुपी है चिंगारी, हवा भी सुइयां चुभाये 
वे माहिया बुझा दे प्यास जिया की हो

हम मिलते रहे जनम जनम, ना होँगे जुदा हम मिलके सनम 
आ एक दूजे में खो जाये रहे ना कोई भी दुरी 
वे माहिया बुझा दे प्यास जिया की हो