मेरे लाल तुम तो हमेशा थे

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गाना: मेरे लाल तुम तो हमेशा थे
फिल्म: आविष्कार
गायक: मन्ना देय
गीत: ज्ञान देव अग्निहोत्री
संगीत: कनु रॉय


माँ को पुकारकर पूछा बच्चे ने 
आया कहाँ से हो माँ बोलो तो 
पड़ा कहा पाया गया बोलो तो 
सुनकर सवाल यह, माँ के स्तनो से उफाल पड़ा दूध 
और बह आया आँखो से उत्तर 

मेरे लाल तुम तो हमेशा थे, मेरे मन की अभिलाषा में 
मेरे तन की परिभाषा में, बचपन के गुडियाघर में 
कितनी बार तुझे खेलते खेलते तोडा, तोड़ते तोड़ते जोड़ा 
पाकर खोया और खोकर पाया है, कहा से बताऊ तू आया है 
पड़ा तुझे मैंने कहा पाया है, मेरे लाल 

(मिला था मन को मेरे जब इक तन 
उपजा था तू ही इक मधुर छंद बन) - (2)
ए गीत गाता अंग अंग महका था छन छननन 
ओस भरी सुबह से, सुहाग के संगीत से, सब की मनुहार से 
इन्द्रधनुषी सपनो सा आया है, कहा से बताऊ तू आया है 
पड़ा तुझे मैंने कहाँ पाया है, मेरे लाल 

तू हा, तू ही तो है मेरी अमर आशा, सुबह का सपना 
मन और दादी की सुनहरी ख्वाहिश 
प्रेम की परंपरा ख्वाब की ख्वाहिश 
और प्रेम की आशा से बनी तेरी काया है 
कहा से बताऊ तू आया है 
पड़ा तुझे मैंने कहाँ पाया है, मेरे लाल