शहर की परियों के पीछे

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गाना: शहर की परियों के पीछे
फिल्म: जो जीता वही सिकंदर (१९९२)
गायक: साधना सरगम, उदित नारायण
गीत:
संगीत: जतिन-ललित


ता रा ऋ ता रे रा ...-(३)
शहर ki परियो के पीछे जो हैं दीवाने-(२)
वोह हमारी सादगी का रंग क्या जाने 
अरे हाँ आ हा दिलदार बेवफा 

जो नहीं समझे की हम किसके हैं दीवाने 
वोह हमारी आशिकुई का रंग क्या जाने 
अरे हाँ आ हा आ हा समझो न मेरी जान 

(कोई होगा हसीं, कम तोह हम भी नहीं, देखो जरा नजर भर के 
इतना उदो नहीं हो न ऐसा कही, न इधर के रहो हो न उधर के)-(२)
शहर की परियो के पीछे जो हैं दीवाने 
वोह हमारी सादगी का रंग क्या जाने 

अरे हाँ आ हा दिलदार बेवफा 
आजा न न 
आजा मेरी बाहों में तू जाना नहीं रे, न न-(२)
(यहाँ तोह बड़े बड़े लूट गए खड़े खड़े 
बचके वोह भी कहाँ जायेंगे 
सुनके मेरी सदा छोडके नाजो अदा 

कच्चे धागे में बंधे आयेंगे)-(२)
जो नहीं समझे की हम किसके हैं दीवाने 
वोह हमारी आशिकी का रंग क्या जाने 
अरे हाँ आ हा समझो न मेरी जान 
शहर की परियो के पीछे जो हैं दीवाने 
वोह हमारी सादगी का रंग क्या जाने 

अरे हाँ आ हा आ हा दिलदार बेवफा 
आ हा आ हा समझो न मेरी जान 
आ हा आ हा दिलदार बेवफा