रूठ के हमसे कहीं

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गाना: रूठ के हमसे कहीं
फिल्म: जो जीता वही सिकंदर (१९९२)
गायक: जतिन पंडित
गीत:
संगीत: जतिन-ललित


रुथाके हमसे कही जब चल इ जाओगे तुम-(२) 
यह न सोचा था कभी, इतना याद आओगे तुम 
रुथाके हमसे कही जब चले जाओगे तुम 
रुथाके हमसे कही 

मैं तोह न चला था, दो कदम भी तुम बिन 
फिर भी मेरा बचपन यही समझा हर दिन 
छोडके मुझे भला अब्ब कहाँ जाओगे तुम-(२)
यह न सोचा था कभी, इतना याद आओगे तुम 
रुथाके हमसे कही जब चले जाओगे तुम 
 
रुथाके हमसे कही 
बातो कभी हाथो से भी मारा है तुम्हे 
सदा यही कहके ही पुकारा है तुम्हे 
क्या कर लोगे मेरा जो बिगड़ जाओगे तुम-(२)
यह न सोचा था कभी, इतना याद आओगे तुम 
रुथाके हमसे कही जब चले जाओगे तुम 

रुथाके हमसे कही 
देखो मेरे आंसू यही करते हैं पुकार 
आओ चले आओ मेरे भाई मेरे यार 
पोछने आंसू मेरे क्या नहीं आओगे तुम-(२)
यह न सोचा था कभी, इतना याद आओगे तुम 
रुथाके हमसे कही जब चले जाओगे तुम