तेरे बचपन की मै लोरी तुझे सुनाती हु

हिंदी फ़िल्में > ऐसा क्योँ होता है के गाने > तेरे बचपन की मै लोरी तुझे सुनाती हु

गाना: तेरे बचपन की मै लोरी तुझे सुनाती हु
फिल्म: ऐसा क्योँ होता है
गायक: अलका याग्निक
गीत:
संगीत: तौसीफ अख्तर


तेरे बचपन की मै लोरी तुझे सुनाती हु - (2)
आज बच्चे की तरह -2 फिर तुझे सुलाती हु 
 
मैंने जो रोटिया तेरे लिए बनायीं है 
ओ मेरे संज के एहसास ने कमाई है 
है तेरे शक्ल में जो आदमी की परछाई 
उसके हिस्से की भी सब मुशकिले उठाई है 
आ तुझे माँ में छुए बाप से मिलाती हु 
तेरे बचपन की मै लोरी तुझे सुनाती हु 

मेरी उम्मीद मेरा ख्वाब है तू यह बच्चे 
तुझे तराश रही हु ना जाने मै कबसे 
बस यही आरजू सिने में लिए जिन्दा हु 
के कल बनेगा ज़माने में तू जुदा सबसे 
(अपनी तनहाई में -2) इसा ख्वाब से सजाती हु 
तेरे बचपन की मै लोरी तुझे सुनाती हु 
आज बच्चेकी तरह फीर तुझे सुलाती हु