है अगर दुश्मन

हिंदी फ़िल्में > हम किसी से कम नहीं के गाने > है अगर दुश्मन

गाना: है अगर दुश्मन
फिल्म: हम किसी से कम नहीं
गायक: मोहम्मद रफ़ी, आशा भोसले
गीत: मजरूह सुल्तानपुरी
संगीत: आर डी बर्मन


है अगर दुश्मन 
है अगर दुश्मन (दुश्मन )
ज़माना गम नहीं, गम नहीं 

है अगर दुश्मन (दुश्मन )
ज़माना गम नहीं, गम नहीं 
कोई आये 
कोई आये, कोई आये, कोई आये, कोई 
हम किसीसे कम नहीं, कम नहीं 

है अगर दुश्मन (दुश्मन )
ज़माना गम नहीं, गम नहीं 
(कोई आये, कोई 
हम किसीसे कम नहीं, कम नहीं ) 

है अगर दुश्मन 
(दुश्मन 
ज़माना गम नहीं, गम नहीं 
है अगर दुश्मन दुश्मन ) 

क्या करे दिल की जलन को 
इस मोहब्बत के चलन को 
जो भी हो जाए के अब तो 
सर्फ़ बंद है कफुं को 
हम तो दीवाने दिलजले 
ज़ुल्म के साए में पले 
दाल कर आँखों को 
तेरे रुखसारों पे 
रोज़ ही चलते हैं 
हम तो अंगारों पे 
आ आ आ आ आ आ आ 

आज हम जैसे जिगरवाले कहाँ (आहा ) 
ज़ख्म खाया है तब हुए हैं जवान (आहा ) 
तीर बन जाए दोस्तों की नज़र (आहा )
या बने खंजर दुश्मनों की जुबां (आहा )
बैठे हैं तेरे दर पे तो कुछ करके उठेंगे 
या तुझको ही ले जायेंगे या मार्के उठेंगे 
आज हम जैसे जिगरवाले कहाँ 
ज़ख्म खाया है तब हुए हैं जवान 
आ आ आ आ आ आ आ 

आज तो दुनिया 
आज तो दुनिया (दुनिया )
नहीं या हम नहीं, हम नहीं 
कोई आये, कोई 
हम किसीसे कम नहीं, कम नहीं 

है अगर दुश्मन दुश्मन 
ज़माना गम नहीं, गम नहीं 
है अगर दुश्मन दुश्मन 

हो लो ज़रा अपनी खबर भी 
एक नज़र देखो इधर भी 
हुस्न वाले ही नहीं हम 
दिल भी रखते हैं, जिगर भी 
झूम के रखा जो कदम 
रह गयी ज़ंजीर-ए-सितम 
कैसे रुक जायेंगे 
हम किसी चिलमन से 
जुल्फों को बंधा है 
यार के दामन से 
आहा हा आ आ आ आ आ 

इश्क जब दुनिया का निशाना बना (आहा )
हुस्न भी खबर के दीवाना बना (आहा )
मिल गए रंग इन् आँखों ने जिगर (आहा )
तब कहीं रंगीन येह फ़साना बना (आहा )
भेस मजनू का लिया मैंने जो लैला होकर 
रंग लाया है दुपट्टा मेरे मैला होकर 
इश्क जब दुनिया का निशाना बना 
हुस्न भी खबर के दीवाना बना 

आहा हा आ आ आ आ आ आ 

येह नहीं समझो 
येह नहीं समझो (समझो )
के हम में दम नहीं, दम नहीं 
कोई आये 
आ आ आ आ 
कोई आये, कोई आये, कोई आये, कोई 
हम किसीसे कम नहीं, कम नहीं

है अगर दुश्मन (दुश्मन )
ज़माना गम नहीं, गम नहीं 

है अगर दुश्मन (दुश्मन )