मिज़ाज -ए -गरमी दुवा हँi आप की

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गाना: मिज़ाज -ए -गरमी दुवा हँi आप की
फिल्म: जाल (१९६७ )
गायक: लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी
गीत: आनंद बक्षी
संगीत: लाक्स्मिकांत -प्यारेलाल


मिज़ाज -ए -गरमी दुवा हँi आप की - (२ )
बड़ी खुबसूरत अदा है आप की, बड़ी खुबसूरत निगाह है आप की 
मिज़ाज -ए -गरमी दुवा है आप की - (२ )

(खोया खोया सा कुछ गुम सुम 
 मैं आजकल रहता हूँ हर महफ़िल में ) - (२ )
कोई दावा तोह बतलाओ की दर्द रहता है जरा सा दिल में 
यहीं दर्द -ए -दिल तोह दावा है आप की - (२ )
मिज़ाज -ए -गरमी दुवा है आप की - ( २ )

मर्ज़ी है आज क्या फिजा की जो आज मर दिल यूं धड़का रही है - (२ )
क्या हो गया है इस हवा को जो ऐसे मेरे जुल्फों को बिखरा रही है 
करे काया की आशिक हवा है आप की - (२ )
मिज़ाज -ए -गरमी दुवा है आप की - (२ )

आये ना नींद में मोहब्बत में तोह रात सुहानी कोई कैसे गुजारे - (२ )
सोता है चैन से ज़माना गुजारता हों मैं रात गिन गिनके तारे 
खता है ये किसकी खता है आप की 
मिज़ाज -ए -गरमी दुवा है आप की - (२ )
बड़ी खुबसूरत अदा है आप की, बड़ी खुबसूरत निगाह है आप की 
मिज़ाज -ए -गरमी दुवा है आप की - (२ )