रोकना है अगर रोक लीजिये मगर

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गाना: रोकना है अगर रोक लीजिये मगर
फिल्म: जाल (१९६७ )
गायक: लता मंगेशकर
गीत: रजा मेहदी अली खान
संगीत: लाक्स्मिकांत -प्यारेलाल


रोकना है अगर रोक लीजिये मगर, चाँद छुपाने से पहले चली जाउंगी - (२ )
दूर है मेरा घर मुझको दुनिया का डर 
चाँद छुपाने से पहले चली जाउंगी 
रोकना है अगर रोक लीजिये मगर, चाँद छुपाने से पहले चली जाउंगी 

(चाँद नीलाका मेरा चाँदनी खो गयी 
हर तरफ हुस्न की रोशनी हो गयी ) - (२ ) 
आप चाँद है अगर चाँद को देखकर 
चाँद छुपाने से पहले चली जाउंगी 
रोकना है अगर रोक लीजिये मगर, चाँद छुपाने से पहले चली जाउंगी 

(आप शामिल है यूं मेरी आवाज में 
जैसे नगमे हो दो एक ही साज में ) - (२ ) 
मैं घझाल छेदकर इश्क के साज पे 
चाँद छुपाने से पहले चली जाउंगी 
रोकना है अगर रोक लीजिये मगर, चाँद छुपाने से पहले चली जाउंगी 

(बहकी बहकी निगाहें नहीं होश में 
प्यार शर्माए आँखों की आघोष में ) - (२ )
हसके शाने पे सर रख तोह दूंगी मगर 
चाँद छुपाने से पहले चली जाउंगी 
दूर है मेरा घर मुझको दुनिया का डर 
चाँद छुपाने से पहले चली जाउंगी 
रोकना है अगर रोक लीजिये मगर 
चाँद छुपाने से पहले चली जाउंगी, चली जाउंगी, चली जाउंगी