सीने पे रख के सर को

हिंदी फ़िल्में > नसीब (१९९८) के गाने > सीने पे रख के सर को

गाना: सीने पे रख के सर को
फिल्म: नसीब (१९९८)
गायक: उदित नारायण
गीत: समीर
संगीत: नदीम -श्रवण


सीने पे रख के सर को, कहीं खो गए थे हम - (२)
थे इतने करीब के, एक हो गए थे हम 

सीने पे रखके सर को, कहीं खो गए थे हम 
थे इतने करीब के, एक हो गए थे हम 

मुद्दत की प्यास थी तेरे होंतो का रस पिया 
तेरे हसीं जिस्म को नजरो से छू लिया 
जादू बिखेरते थी समंदर की तर हवा 
सिंदूर बन गया था हर एक जर्रा रेट का 
आँखें खुली खुली थी मगर सो गए थे हम 
थे इतने करीब के, एक हो गए थे हम 
सीने पे रखके सर को, कहीं खो गए थे हम 
थे इतने करीब के, एक हो गए थे हम 

कोई ना फासला रहा साँसों के दरमियान 
हर बात हो रही थी, खामोश थी जुबान 
अरमान सिमट रहे थे बहारों की सेज पर 
एहसास की गर्मी थी, दोनों थे बेखबर 
दोनों जहां को पल भर भला तोह गए थे हम 
(थे इतने करीब के, एक हो गए थे हम 
सीने पे रख के सर को, कहीं खो गए थे हम) - (२) 
थे इतने करीब के, एक हो गए थे हम 
खो गए थे हम, खो गए थे हम, खो गए थे हम 
सो गए थे हम