हम जिए या मरे हाय, हाय हम क्या करे

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गाना: हम जिए या मरे हाय, हाय हम क्या करे
फिल्म: हरिश्चंद्र तारामती
गायक: आशा भोसले, उषा मंगेशकर
गीत: वीरेंदर मिश्रा
संगीत: हृदयनाथ मंगेशकर


हम जिए या मरे हाय, हाय हम क्या करे 
हम जिए या मरे, हाय हम क्या करे - (२ ) 
क्या करे - (३ )
हाय हम क्या करे - (४ )

खिल रही चांदनी, मस्त है कामिनी 
रूप है रंग है, अंग में अंग है - (२ )
मत लगा तू अगन, जल रहा है बदन 
कब तलक यूँही आहे भरे 

हम जिए या मरे, हाय हम क्या करे - (२ )

फुलझडी है उम्र, जल रहे हैं नगर 
हर नजर तेज है, हंस रही सेज है - (२ )
तूने घायल किया, देख लूंगी पिया 
हम गुनाहों से कहे डरे 

हम जिए या मरे, हाय हम क्या करे - (२ )

हा आ 
जिन्दगी धर्म है, पुन्य ही कर्म है - (२ )
अरे चल 
जिन्दगी प्रेम है, प्रेम ही मर्म है - (२ )
प्यार तन से नहीं प्यार मन से करो 
इसका मतलब है क्या जिन्दगी भर मरो 
वासना के परे आँख खोलो जरा - (२ )
तुम भी हो तुम सही, हंस के बोलो जरा - (२ )

दो दिनों के लिए रूप है गंध है - (२ )
इस लिए भोग लो वोह ही आनंद है - (२ )
तुम समझते हो क्या जिन्दगी ऐश है 
ऐश हो या ना हो क्या वोह उपदेश है 
सत्य है जिन्दगी झूठ है वासना - (२ )
वासना के बिना झूठ है साधना - (२ )
भोग में त्याग है त्याग आनंद है 
दूर देखेगा क्या जो नजरबन्द है 
रूप है दो घड़ी प्यार है सर्वदा 
एक है झील तोह एक है नर्मदा 
रोशनी के लिए दीप बनाकर जलो 
मेघ बनकर चलो माँ बनाकर गालो 
जिन्दगी त्याग है या की व्यापर है 
जो की कुदागार्ज है उसका धिक्कार है 
उसका धिक्कार है - (२ )
चलते दुनीया का दुःख हम हरे 

हम जिए या मरे हाय हम क्या करे - (३