आसमान कहता है रब से

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गाना: आसमान कहता है रब से
फिल्म: मस्त
गायक: सोनू निगम
गीत: नितिन रैकवार
संगीत: संदीप चोव्ता


आसमान कहता है रब से, तूने चाँद दो क्यों बनाए - (२)
एक मेरा था है दाग, दूसरा है साफ़ साफ़ 
सब की नजर उसपे जाए हाय 
(वोही तोह है मेरी है वोही तोह 
की जिसको देख देख चाँद जलाता है) - (२)

रब ने कहा ए आसमान, उसे भेज कर जमीं पर हम भी पछताए हाय 
(वोही तोह है मेरी है वोही तोह 
की जिसको देख देख चाँद जलाता है) - (२)

उसको देख फूलो को होती है जलन 
क्यों की उसकी खुशबुए है सभी मगन 
वोह गुजरे दूर से हवा के शोर से 
उसके आना का पट चले यहाँ सभी येह जाने 
आसमान कहता है रब से, तूने चाँद दो क्यों बनाए - (२)

सैट रंग दुनीया में होते हैं मगर 
आठवां कहाँ है किसे है क्या खबर 
जो उसको देख ले वोह पल में जान ले 
रंग क्यों करे है कोशिशे रंग एक बनाने 
आसमान कहता है रब से, तूने चाँद दो क्यों बनाए - (२)
एक मेरा था है दाग, दूसरा है साफ़ साफ़ 
सब की नजर उसपे जाए हाय 
(वोही तोह है मेरी है वोही तोह 
की जिसको देख देख चाँद जलाता है) - (२)

रब ने कहा ए आसमान, उस भेज कर जमीं पर हम भी पछताए हाय 
(वोही तोह है मेरी है वोही तोह 
की जिसको देख देख चाँद जलाता है) - (२)