अच्छा लगता है

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गाना: अच्छा लगता है
फिल्म: आरक्षण
गायक: मोहित चौहान, श्रेया घोषाल
गीत: प्रसून जोशी
संगीत: शानाकर -एहसान -लॉय


ज़टक कर ज़ुल्फ़ जब तुम तौलिये से 
बारिशें आज़ाद करती हो अच्छा लगता है 
हीला कर होंठ जब भी 
हौले हौले गुफ्तगू को साज़ करती हो अच्छा लगता है 
हो खुशबु से बहलाओ ना, सीधे पॉइंट पे आओ ना 
आंख में आँखें दाल के कह दो, ख़्वाबों में देहलाओ ना
ज़रा शोर्ट में बतलाओ ना (सीधे पॉइंट पे आओ न ) - २

अलग एहसास होता है, तुम्हारे पास होने का
सरकती सरसराहट की नदी में रेशमी लम्हे भिगोने का
हो हो हो ज़रा सा मोड़ कर गर्धन जब अपनी ही अदा पर नाज़ करती को 
अच्छा लगता है 
हो लब्जों से बहलाओ न, छोटी मोत्ती बहकाओ ना
हाथों को हाथों में ले के वोह तिन शब्द टपकाओ ना
ज़रा शोर्ट में बतलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना - २

वोह तेरे ध्यान की खुश्बू मैं सर तक ओढ़ लेता हूँ
भटकती सांस को तेरी गली में गुनगुनाने छोड़ देता हूँ
हो हो हो तुम अपनी खिडकियों को खोल कर जब भी नए आगाज़ करती हो 
अच्छा लगता है
हूँ (गली ) - ५ भटकाव न, घडी घडी उलझाव ना
सेंटी हो मैं जान गयी हूँ एक्शन भी दिखलाओ ना
ज़रा शोर्ट में बतलाओ ना
सीधे पॉइंट पे आओ ना - २ 
हो सीधे हो सीधे, हो सीधे पॉइंट पे आओ ना  - २