बिखरी बिखरी सी जुल्फें हैं क्यूँ

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गाना: बिखरी बिखरी सी जुल्फें हैं क्यूँ
फिल्म: व्हॉट्स युअर राशी
गायक: सोहैल सेन
गीत:
संगीत: सोहैल सेन


(बिखरी बिखरी सी जुल्फें हैं क्यूँ 
खोयी खोयी सी आँखें हैं क्यूँ 
गम का यह पल गुजर जाएगा 
फिर कोई हमसफ़र आएगा ) - (2)

बीते पल भूल जा, वो पल नही हैं कही 
लायेंगे पल नए, एक जिंदगी फिर हसीं 
यह भीगी पलकें उठा, यह सोचके मुस्कुरा 
लाएगा फिर समय कोई ज़माना ऐसा यहाँ 
फिर चलेगी हवा मनचली, फिर से महकेगी कोई कलि 
फिर कोई हमसफ़र आएगा, दिल कोई गीत फिर गायेगा 

रात लंबी सही, फिर भी यह इक रात है 
सुबह हो जायेगी, सौ बातों की बात है 
फिर जागेगी यह फिजा, फिर दिल का इक रास्ता 
ले जाएगा वहीं तुझे, तेरे है मंजिल जहाँ 
सच तो यह है की होना है यूं, तो इन आखों में आंसू है क्यूँ 
गम ना कर तू जो मुरझा गए, फूल खिल जायेंगे फिर नए