आँखें खुली हो याँहो बंद

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गाना: आँखें खुली हो याँहो बंद
फिल्म: मोहब्बतें
गायक: लता मंगेशकर, उदित नारायण
गीत: आनंद बक्षी
संगीत: जतिन-ललित


इक लड़की थी दीवानी सी, इक लडके पे वो मरती थी 
नज़रे झुकाके शरमाके गलियों से गुजरती थी 
चोरी चोरी चुपके चुपके चिठ्ठियाँ लिखा करती थी 
कुछ कहना था शायद उसको, जाने किस से डरती थी 
जब भी मिलती थी मुझसे, मुझसे पूछा करती थी 
प्यार कैसे होता है, यह प्यार कैसे होता है 
और मैं सिर्फ यहीं कह पाता था 
आँखें खुली हो याँहो बंद 
दीदार उनका होता है 
कैसे कहूं मैं ओ यारा, यह प्यार कैसे होता है 
तू रु रु रु रु रु तू रु रु रु ....
आँखें खुली हो याँहो बंद, दीदार उनका होता है - (2)
कैसे कहूं मैं ओ यारा, यह प्यार कैसे होता है 
तू रु रु रु रु रु तू रु रु रु ....
आँखें खुली हो याँहो बंद. दीदार उनका होता है 
कैसे कहूं मैं ओ यारा, यह प्यार कैसे होता है 
तू रु रु रु रु रु तू रु रु रु ....

आज ही यारों किसी पे मरके देखेंगे हम
प्यार होता है यह कैसे कर के देखेंगे हम
किसी की यादों में खोये हुए, खाबों को हम ने सजा लिया
किसी की बाहों में सोये हुए, अपना उसे बना लिया
ए यार प्यार में कोई तू रु रु रु रु रु तू रु रु रु ... 
ए यार प्यार में कोई ना जागता ना सोता है 
कैसे कहूं मैं ओ यारा, यह प्यार कैसे होता है 
तू रु रु रु रु रु तू रु रु रु ....

क्या है ए जादू है कोई, बस जो चल जाता है
तोड़ के पहरे हजारों, दिल निकल जाता है
दूर कहीं आसमानों पर, होते हैं यह सारे फैसले
कौन जाने कोई हमसफ़र, कब कैसे कहाँ मिले 
जो नाम दिल पे हो लिखा तू रु रु रु रु रु तू रु रु रु ....
जो नाम दिल पे हो लिखा, इकरार उसी से होता है 
कैसे कहूं मैं ओ यारा, यह प्यार कैसे होता है 
तू रु रु रु रु रु तू रु रु रु ....
आँखें खुली हो याँहो बंद, दीदार उनका होता है - (2)
कैसे कहूं मैं ओ यारा, यह प्यार कैसे होता है 
तू रु रु रु रु रु तू रु रु रु ....