चलते चलते यूं ही रुक जाता हूँ मैं

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गाना: चलते चलते यूं ही रुक जाता हूँ मैं
फिल्म: मोहब्बतें
गायक: ईशान, मनोहर शेट्टी, सोनाली भटवडेकर, श्वेता पंडित, उद्भव, प्रीता मजुमदार
गीत:
संगीत: जतिन-ललित


(चलते चलते यूं ही रुक जाता हूँ मैं 
बैठे बैठे कहीं खो जाता हूँ मैं 
कहते कहते ही चुप हो जाता हूँ मैं 
क्या यहीं प्यार है, क्या यहीं प्यार है 
हाँ यहीं प्यार है, हाँ यहीं प्यार है ) - (2)

तुम पे मरते हैं क्यों, हम नहीं जानते – (2)
ऐसा करते हैं क्यों, हम नहीं जानते 
बंद गलियों से छुप छुप के, हम गुजरने लगे 
सारी दुनिया से रह रह कर, हम तोह् डरने लगे 
हाय ए क्या करने लगे 
क्या यहीं प्यार है, क्या यहीं प्यार है 
हाँ यहीं प्यार है, हाँ यहीं प्यार है 
चलते चलते यूं ही रुक जाता हूँ मैं 
बैठे बैठे कहीं खो जाता हूँ मैं 
कहते कहते ही चुप हो जाता हूँ मैं 
क्या यहीं प्यार है, क्या यहीं प्यार है 
हाँ यहीं प्यार है, हाँ यहीं प्यार है 

तेरी बातों में यह एक शरारत सी है - (2)
मेरे होंटों पे यह एक शिकायत सी है
तेरी आँखों को आँखों से चूमने हम लगे
तुझको बाहों में ले लेकर झुमने हम लगे
हाय ए क्या करने लगे 
क्या यहीं प्यार है, क्या यहीं प्यार है 
हाँ यहीं प्यार है, हाँ यहीं प्यार है 
चलते चलते यूं ही रुक जाता हूँ मैं 
बैठे बैठे कहीं खो जाता हूँ मैं 
कहते कहते ही चुप हो जाता हूँ मैं 
क्या यहीं प्यार है, क्या यहीं प्यार है 
हाँ यहीं प्यार है, हाँ यहीं प्यार है