आओ सुनाता हु सबको आज एक कहानी

हिंदी फ़िल्में > बाल गणेश के गाने > आओ सुनाता हु सबको आज एक कहानी

गाना: आओ सुनाता हु सबको आज एक कहानी
फिल्म: बाल गणेश
गायक: केतकी, लावण्या, सिद्धांत भोसले
गीत: विभा सिंह
संगीत: शमीर टंडन


आओ सुनाता हु सबको आज एक कहानी - (२)
शायद लगे नयी तुमको, पर है सदियों पुराणी - (२)
आओ सुनाता हु सबको आज एक कहानी
शायद लगे नयी तुमको, पर है सदियों पुराणी
आओ सुनाता हु सबको आज एक कहानी

कैसे जब नन्दिने  माँ पारवती का ना मन आदेश - (२)
तोह माँ ने  फिर कैसे बनाया अपना गणेश
अपना बल गणेश, अपना बल गणेश
कौनसा आदेश कैसे बने गणेश क्या हुवा
सब बताता हु, पहले सरे बोलो
ॐ गणेशाय नमः - (१०)
माँ पार्वती जब जाती थी नहाने, तोह नंदी करता पेहेरेदारी
सबको था वोह रोक लेता, पर चुप रहता शिव की जब आये सवारी
शिव जो चले आये अन्दर, पारवती हुयी बेहद नाराज
पर नंदी था शिव का उनके आगे बिलकुल बे-आवाज़
फिर क्या हुवा, पार्वती के मनं में एक छह उठी
काश कोई होता मेरा जिसे मई करती प्यार
जो मानता मेरी बाते, मुझपे हो जाता निसार
क्यूँ ना मई खुद ही बनू उसे, दिल का हो इक टुकड़ा
मेरे ही जैसा हो उसका रंग, मेरे ही जैसा हो मुखड़ा
गणेश, हा..............
फिर पारवती ने और रचा इक बालक विशेष
अपने मैल से बनाया अपना प्यारा गणेश
अच्छी कहानी है पर, कुछ तोह गड़बड़ घोटाला है भाई
माँ पार्वती ने क्या ऐसी थी बालक की सूरत बनायीं
ना सुंड, ना कान हाथी के कैसा है इस बालक का भेस
है यह नहीं, है यह नहीं, है यह नहीं हमारा गणेश
बल गणेश को हाथी का मुह कैसे मिला
वोह एक और कहानी है फिर कभी सुनाऊ
आज सुनी है हम सब ने बढ़िया एक कहानी
लगती है जो नयी नयी, पर है सदियों पुराणी
आओ सुनाता हु सबको आज एक कहानी- (२)
शायद लगे नयी तुमको पर है सदियों पुराणी
आओ सुनाता हु सबको आज एक कहानी