हवा सर्द है खिड़की

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गाना: हवा सर्द है खिड़की
फिल्म: बोल राधा बोल
गायक: अलका याग्निक, अभिजीत
गीत: समीर
संगीत: आनद मिलिंद


हवा सर्द है खिड़की बंद कर लो - २
बंद कमरे में - २ चाहत बुलंद कर लो
पास बैठो - २ ज़रा बातें चन्द कर लो
बंद कमरे में चाहत बुलंद कर लो - २

(सुरमई घटा शबनमी समां
दिल में प्यास है धडकनें जवान) - २
ऐसे हम भला अब दूर क्यों रहे
मिलके जुदाई का यह दर्द क्यों सहे
छू के गुलाबी लबों को छाने लगा है नशा
बाहों में आके तेरी क्यों आने लगा है मज़ा
अपनी निगाहों में नज़र बंद कर लो
पास बैठो ज़रा बातें चन्द कर लो - २
बंद कमरे में चाहत बुलंद कर लो - २

(सिर्फ हम यहाँ तीसरा नहीं
बीत जाए ना वक़्त यह हसीन) - २
दुर्री नहीं कोई दोनों के दरम्यान
किस्मत से है मिला मौका यह दिलरुबा
यह मेरे दिल की सदा है मुझको गले से लगा
साँसों में तुझको बसा लू
आ मेरी बाहों में आ
हुस्न के जलवों को तुम पसंद कर लो
(हवा सर्द है खिड़की बंद कर लो - २
बंद कमरे में चाहत बुलंद कर लो - २)- २