येशु

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गाना: येशु
फिल्म: सात खून माफ
गायक: रेखा भारद्वाज
गीत: गुलज़ार
संगीत: विशाल भारद्वाज


गिरजे का गजर सुनते हो, येशु 
फिर भी तुम चुप रहते हो, येशु 
गिरजे का गजर सुनते हो, येशु 
फिर भी तुम चुप रहते हो, येशु 
अपने चाहने वालों को तुम कैसे चुनते हो, येशु आआ येशु 
गिरजे का गजर सुनते हो, येशु 
फिर भी तुम चुप रहते हो, येशु 
क्या जिस्म ये बेमानी है 
क्या रूह गरीब होती है 
क्या जिस्म ये बेमानी है 
क्या रूह गरीब होती है 
तुम प्यार ही प्यार हो लेकिन 
क्या प्यार सलीब होती है 
रुई की तरह इस जिस्म को तुम 
इसलिए बुनते हो येशु, येशु 
गिरजे का गजर सुनते हो, येशु 
फिर भी तुम चुप रहते हो, येशु 
कोई नाही इस वक़्त यहाँ 
इस वक़्त मुझे अपनाना 
कोई नाही इस वक़्त यहाँ 
इस वक़्त मुझे अपनाना 
आगोश में अपनी ले लो 
फिर चाहे जहाँ ले जाना 
उस पर तो कोई दर्द नही 
बोलो ना सुनते हो, येशु, येशु 
गिरजे का गजर सुनते हो, येशु 
फिर भी तुम चुप रहते हो, येशु  
अपने चाहने वालो को तुम कैसे चुनते हो, येशु  
गिरजे का गजर सुनते हो, येशु 
फिर भी तुम चुप रहते हो, येशु