ए खुदा

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गाना: ए खुदा
फिल्म: मर्डर २
गायक: मिथुन, क्षितिज तारे, सैम
गीत: मिथुन
संगीत: मिथुन


कैसी खला यह दिल में बसी है 
अब तोह खताएं फितरत ही सी है 
मैं ही हू वो जो रहमत से गिरा 
ए खुदा गिर गया गिर गया 
मैं जो तुझसे दूर हुआ लूट गया 
लूट गया 

ए खुदा गिर गया गिर गया 
मैं जो तुझसे दूर हुआ लूट गया 
लूट गया 
कैसी खला यह दिल में बसी है 
अब तोह खताएं फितरत ही सी है 
मैं ही हू वो जो रहमत से गिरा 
ए खुदा गिर गया गिर गया 
मैं जो तुझसे दूर हुआ लूट गया 
लूट गया 
ए खुदा ………अ 
ए खुदा ………अ 

इतनी खताएं तू लेकर चला है 
दौलत ही जैसे तेरा अब खुदा 
हर पल बिताए तू जैसे हवा है 
गुनाह के साए में चलता रहा 
समंदर सा बहकर तू चलता ही गया 
तेर मर्ज़ी पूरी की तुने हाँ हर दफा 
तू ही तेरा मुजरिम बंदया 
ए  खुदा … गिर गया गिर गया 
मैं जो तुझसे दूर हुआ लूट गया 
लूट गया 

क्यूँ जुड़ता इस जहाँ से तू 
इक दिन यह गुज़र ही जायेगा 
 कितना भी समेत ले यहाँ 
मुठी से फिसल ही जायेगा 
हर शक्श है धुल से भरा 
और फिर उसमे ही जा मिला 
 यह हकीक़त है तू जान ले 
क्यूँ सच से मूह है फेरता 
चाहे जो भी हसरत पूरी कर ले 
रुकेगी न फितरत यह समझ ले 
मिट जाएगी तेरी हस्ती 
भर ना  पायेगा यह दिल बंदया 
ए खुदा गिर गया गिर गया 
मैं जो तुझसे दूर हुआ  लूट गया 
लूट गया 

अगर तू सोचे तू है गिरा 
मेरे हाथ को थाम उठ ज़रा 
तेरे दिल के दर पे हूँ खड़ा 
मुझको अपना ले तू ज़रा 
तू कहे तू है साए से गिरा 
तेरी राहो का मैं नूर हूँ 
तेरे गुनाह को खुद पे ले लिया 
मेरी  नज़रों में बेक़सूर तू 
ऐसा कोई मंज़र तू दिख ला दे 
मुझे कोई शक्श से मिला दे 
ऐसा कोई दिले से तू सुनवा दे 
के ज़ख़्म कोई उसे न मिला 
ए खुदा गिर गया गिर गया 
मैं जो तुझसे दूर हुआ लूट गया 
लूट गया 

आ…… अ … अ …