चेहरे पे दिन है जुल्फों पे रात है

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गाना: चेहरे पे दिन है जुल्फों पे रात है
फिल्म: बाज़
गायक: सुखविंदर सिंह, साधना सरगम
गीत:
संगीत:


यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे.......
चेहरे पे दिन है जुल्फों पे रात है
हे हे हे चेहरे पे दिन है जुल्फों पे रात है
आप तोह आप है - २, आप की क्या बात है
आप का हुस्न चलो सब से अलग ठहरा - (२)
आशिकी ना हो तोह फिर क्या बड़ी बात है - (२)
यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे.......
चेहरे पे दिन है जुल्फों पे रात है
हे हे हे चेहरे पे दिन है जुल्फों पे रात है
आप तोह आप है - २, आप की क्या बात है
यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे.......
हुस्न अपने जवान है, आशिकी हो या ना हो
हे यह यह हुस्न अपने जवान है, आशिकी हो या ना हो
कुदरत हम पे फ़िदा है, कोई भी हो ना हो
हो छुपा सागर में फिर वोह मोती भी क्या
ना जले दीपक में फीर वोह ज्योति भी क्या
होता ना हुस्न तोह फिर करते तुम इश्क क्या - (२)
यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे.......
ओ मिटटी की मूरत में तौबा कितना गुरुर  - (२)
खुद पे ही इतराते है कैसा है यह सुरूर
चांदनी ना हो तोह होता फिर चाँद क्या
मोती ना हो फिर तोह होता फीर साहिल क्या
परवाने ना हो तोह फिर शमा का हुस्न क्या - (२)
यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे.......
चेहरे पे दिन है जुल्फों पे रात है
हे हे हे चेहरे पे दिन है जुल्फों पे रात है
आप तोह आप है - २, आप की क्या बात है
यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे, यारी रे.....