ए उडी उडी

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गाना: ए उडी उडी
फिल्म: साथिया
गायक: अदनान सामी
गीत: गुलज़ार
संगीत: ए. आर. रेहमान


ए उडी उडी ए खाबों की बुरी 
ए अंग रंग खिली ए सारी रात बोली 
ए उडी उडी ए खाबों की बुरी 
ए अंग रंग क हिली ए सारी रात बोली 

हल्की ऐ हल्की कल रात जो शबनम गिरी 
आर अँखियाँ वखियाँ भर गयीं कल तो आग में दब दब गिरी 
पहली पहली बारिश की चिटे पहली बारिश भीगी हो हो 
नगीना नगीना नगीना 
हो हो ओ न जारे न जारे न जुधा 
नगीना नगीना नगीना 
हो हो ओ न जारे न जारे न जुधा 
उलझी हुयी थी खुल भी गयी थी लत वो रात भर भरसी 
कभी मनाये खूब सताए वो सब यार की मर्जी 
ए उडी उडी ए खाबों की बुरे 
ए अंग रंग क हिली ए सारी रात बोली 
ए उडी उडी ए खाबों की बुरी 

छेड़ दूं में कभी प्यार से तो तंग होती है 
छोड़ दूं रूठ के तो भी तो जंग होती है 
छेड़ दूं में कभी प्यार से तो तंग होती है 
खाम खः चूम लूं तो भी तो जंग होती है 
ज़िंदगी आँखों की आयत है ज़िंदगी 
आँखों में राखी तेरी अमानत है 
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी 
नगीना नगीना नगीना 
हो हो ओ न जारे न जारे न जुधा 
नगीना नगीना नगीना 
हो हो ओ न जारे न जारे न जुधा 
उलझी हुयी थी खुल भी गयी थी लत वो रात भर भरसी 
कभी मनाये खूब सताए वो सब यार की मर्जी 
ए उडी उडी ए खाबों की बुरी 
ए अंग रंग क हिली ए सारी रात बोली 
ए उडी उडी ए खाबों की बुरी 

लड़ लड़ के जीने को ये लम्हे भी तोड़े हैं 
मर मर के सीने में न ये शीशे जोड़े हैं 
तुम कह दो सब नाते मंजिल दो सोचो तो 
अम्बर पे पहले ही सितारे थोड़े हैं 
ज़िंदगी आँखों की आयत है ज़िंदगी 
पलकों में झपकी है मीठी शिकायत 
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी 
नगीना नगीना नगीना 
हो हो ओ न जारे न जारे न जुधा 
नगीना नगीना नगीना 
हो हो ओ न जारे न जारे न जुधा 
उलझी हुयी थी खुल भी गयी थी लत वो रात भा भरसी 
कभी मनाये खूब सताए वो सब या र की मर्जी 
ए उडी उडी ए खाबों की बुरी 
ए अंग रंग क हिली ए सारी रात बोली 
ए उडी उडी ए खाबों की बुरी