बंजर है सब बंजर है

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गाना: बंजर है सब बंजर है
फिल्म: साथिया
गायक: ए. आर. रेहमान
गीत: गुलज़ार
संगीत: ए. आर. रेहमान


बंजर है सब बंजर है -२, हम धुंडने जब फिरदोस चले 
तेरी खोज तलाश में देख पिया, हम कितने काले कोस चले 
बंजर है सब बंजर है 
(मुंडा यार  मिला  दे  आइयाँ , (एक वार मिला दे साइयां -२ )) - (२ )

मैंने फोता फोता फलक चानना, मैंने तोते तोते तारे चुने - (२ ) 
मैंडा यार मिला दे साइयां, (एक वार मिला दे साइयां -२ ) 
तारो की चमक येह सुबह तलक, लगती ही नहीं पल भर को तलक - (२ ) 
साइयां, साइयां, साइयां 
मैंने फोता फोता फलक काहन्ना -२, मैंने तोते तोते तारे चुने 
सिर्फ  एक तेरी आहट के लिए, खनकार पत्थर बात सारे सुने 
उन्द वेने ते रुस्वाइयां 
मैंडा यार मिला दे साइयां, (एक वार मिला दे साइयां -२ )
बंजर है  सब बंजर है -४, हम धून्दाने जब फिरदोस चले 
तेरी खोज तलाश में देख पिया, हम कितने काले कोस चले 
बंजर है सब बंजर है 

आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं 
पैरो के निशाँ जब देखे जहा, सौ बार झुकाया सर को वहा 
आ देख मेरी पेशानी को, तक़दीर के हर्फे लिखे हैं 
मई कितनी बार पुकारू तुझे, तेरे नाम के सफ्हे लिखे हैं 
तेरे साया कही तोह बोलेगा -२, मई चुनता रहा परछाइय 
मैंडा यार मिलादे साइयां, साइयां